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Wednesday, October 6, 2010

मेरा गाँव ................


सर्वप्रथम सिंह सदन के सभी ब्लॉग सदस्यों को मेरा चरण स्पर्श ..................|
में अपने पहले लेख के साथ आपके बीच उपस्थित हो रहा हूँ ..............
अब में आपको एक ऐसे गाँव की ओर ले चलता हूँ जिसका प्राकृतिक सौंदर्य . लुभावना
एवं आकर्षक है |यहाँ की लहलहाती फसलें मन को शांत विचारणीय एवं ताज़ा रखती है , और खास बात तो यह है कि यहाँकि मिटटी कि खुशबू से कोई भी सिंह सदन सदस्य अपरिचित नहीं है,इस गाँव का नाम है ......................
.................................................................................मेदेपुर |


मेदेपुर , मैनपुरी जिले का विख्यात गाँव है , क्योंकि इस गाँव में जन्मे हमारे आदरणीय
हमारे बड़े भैय्या ने जिले का सर्वोच्च पद प्राप्त कर इस गाँव का नाम रोशन कर दिया है|
इस गाँव कि एकविशेषता है कि जिले के सर्वोच्च पद से लेकर , व्यापारकर कमिश्नर,
अध्यापक , डॉक्टर , थानाध्यक्ष,नेटवर्किंग इंजिनियर ,सत्यम न्यूज़ चैनल के चीफ एडीटर आदि पदों पर कार्यरत व्यक्ति इस गाँव की ही उपज है जोकि इस गाँव की गरिमा बनाये हुए है यह गाँव सामाजिक धार्मिक एवं राजनीतिक आदि सभी क्षेत्रों में विशेष स्थान रखता है |
धार्मिक क्षेत्र में चच्चू (श्री हरी कृष्ण ) एवं बुआ जी रामचरितमानस
के ज्ञाता
है | चच्चू रामलीला कमिटी के डारेक्टर भी है राजनीती के क्षेत्र में पिताजी (श्री कृष्ण ) जोकि नेता जी के उपनाम से प्रसिद्द है इसी के साथ साथ इन्होने राशन डीलर का कार्यभार भी संभाला |यहाँ का प्रत्येक व्यक्ति अपने आप में अनोखा है |


इस गाँव का सर्वाधिक लोकप्रिय भोजन , पानी की रोटी चटनी के साथ |
बड़े भैय्या एवं भाभी जब भी यहाँ आते है तो भैय्या पानी की रोटी एवं भाभी हडिया की खुच्चन जरूर खाते है|.............................

यहाँ की गृह दामिनी अलग अलग पकवानों के लिए प्रसिद्द है | किन्तु अत्यंत प्रसिद्द है " अम्मा द्वारा दी गयी बहुऔ
को डांट "

ब्लॉग पर लिखे गए लेखों के बारे में जब घर पर बताता हूँ तो सभी लोग अत्यंत प्रसन्न होते है |
मै अपना अगला लेख जल्द ही लिखूंगा .....................................................................

धन्यवाद.

Tinkoo

5 comments:

SINGHSADAN said...

टिंकू......
ब्लॉग पर हार्दिक स्वागत है .
अपना गाँव अपना देश........
मेदेपुर के विषय में तो जितना लिखा जाये कम है.
हमारी इतनी यादें इस गाँव से मुतास्सिर हैं कि बस......!!!!!!!!!!
वो खेत कि कचरियां..... ट्यूब वेळ -बाम्बे का पानी, चूल्हे की रोटी, होली-दिवाली, चौपाल की बहस-मुबाहिसों के दौर..... सब कुछ जेहन में जस के तस हैं....जल्दी आता हूँ गाँव घूमने....!
और हाँ....लिखते रहो..!
*****
PK

pankaj said...

dear tinku,

medepur is always in our heart and breeths . it is loving caring and respectable.

Pushpendra Singh "Pushp" said...

बहुत खूब
कमाल कर दिया टिंकू वास्तव में अपना गाँव मैनपुरी में ही नहीं
अपितु इस देश में अपनी गरिमा बनाये हुए है
जिसका श्रेय में अपने परम पूज्य बड़े भैया
माननीय श्री पवन कुमार जी को देना चाहूँगा
उन्होंने न सिर्फ अपना और अपने घर का विकास किया बल्कि पूरे गाँव
व इस मैनपुरी जिले को शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया
वे इस जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा श्रोत है
और आज वे देश के नामचीन गौहर है |
अब में बात करता हूँ अपने गाँव की यहाँ का वातावरण
बहुत ही मधुर है | यहाँ की वार्षिक रामलीला पूरे जिले में प्रसिद्ध है
श्री रात्रि राम लीला के डायरेक्टर डॉ. हरी कृष्ण विगत २५ साल से राम लीला से जुड़े हुए है
टिंकू पानी की रोटी तो और चने का साग तो फेमस है ही पर जिया की लपसी और मौसी के मुंग की दल के पकौड़े तुम कैसे भूल गये
और गुजरिया की खिले और इस सीजन में सुरका तो कमाल है |
इस बेहतरीन पोस्ट के लिए बधाई..............|

VOICE OF MAINPURI said...

बहुत खूब टिंकू.....ब्लॉग पर आप की पोस्ट देखकर दिली ख़ुशी हुई......खूब तरक्की करो और आगे बड़ो..

माधव( Madhav) said...

nice